सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बनेगा 30 बेड का कोरोना वार्ड
– डीएम और सीएमओ ने चिकित्सा अधीक्षक को दिए निर्देश
नरैनी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 बेड कोरोना वार्ड बनाया जायेगा। जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी ने निरीक्षण कर सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिये हैं। इसी माह के अंत तक यहां इमरजेंसी सेवायें शुरू कर दी जायेंगी।
सीएचसी परिसर में खाली पड़े नर्स ट्रेनिंग सेंटर में कोरोना वार्ड बनाया जायेगा। जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने सेंटर की भारी-भरकम बिल्डिंग का निरीक्षण करते हुये सीएमओ को निर्देश दिये कि तत्काल प्रभावी ढंग से सभी औपचारिकतायें पूरी करें। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. बीएस राजपूत ने बताया कि कोरोना वार्ड के लिये 30 बेड, चिकित्सा स्टाफ के लिये 15 बेड तथा कोरिनटाइन वार्ड के लिये 15 बेड की व्यवस्था की जा रही है। सेंटर पर अलग चिकित्सक स्टाफ रखा जायेगा। इनके लिये एक चिकित्सक दो स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। डा. बीएस राजपूत ने बताया कि सीएचसी से रोज 20 से 25 लोगों को जांच और इलाज के लिये जिला अस्पताल भेजा जा रहा है, लेकिन अभी तक किसी के कोरोना पाजिटिव होने की पुष्टि नही हुई है। बताया कि यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी तमाम रोगियों की स्क्रीनिंग कर घरों में आइसोलेट होकर रहने की सलाह दी जा रही है।

टेंपो से गिरकर किशोर घायल
नरैनी। चलती टैक्सी से गिर जाने पर गंभीर रूप से घायल किशोर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वह अपने गांव से टेंपो में बैठकर बाजार सब्जी खरीदने आ रहा था। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के लच्छा पुरवा थाना धर्मपुर (पन्ना) निवासी राजेंद्र (15) पुत्र दादू सुबह लगभग 9 बजे अपने गांव से एक सवारी टेंपो में बैठकर खोरा गांव सब्जी खरीदने आ रहा था। रास्ते में वह सिर के बल गिर गया। इसके साथ बैठे गांव के लोग एक प्राइवेट गाड़ी में लादकर नरैनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए। वहां से चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

26 अप्रैल तक बंद रहेंगे न्यायालय
बांदा। जनपद न्यायाधीश ने जारी प्रेस नोट में बताया कि कोरोना वायरस के चलते उच्च न्यायालय ने निर्देश पारित किया है, जिसके अनुसार जिला जज सिविल न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय तथा अन्य अधिकारियों द्वारा पारित अंतरिम आदेश जो 19 मार्च 2020 को समाप्त हो रहे हैं, वह 26 अप्रैल 2020 तक प्रभावी रहेंगे। दंडिक न्यायालयों से प्राप्त जमानत आदेश या अंतरिम आदेश की अवधि 26 मार्च से 6 माह के लिए बढ़ाई जाती है। वहीं जिला न्यायालय सिविल न्यायालय द्वारा पारित निष्कासन आदेश, बेदखली आदेश, विमालिसन आदेशों का क्रियान्वयन 26 मार्च से एक माह तक के लिए निलंबित रहेगा।

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