मेडिकल कालेज में बनाया गया 100 बेड का आईसुलेशन वार्ड
बांदा। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 21 दिन का लाकडाउन किया गया है। बावजूद इसके संदिग्ध मरीजों की संख्या में तेज गति से इजाफा हो रहा है। राजकीय मेडिकल कालेज में संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने के लिए 100 बेड का आईसुलेशन वार्ड तैयार किया गया है। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. मुकेश यादव ने बताया कि उनके यहां 100 बेड आईसुलेशन और 240 क्वारेंटाइन बेड का वार्ड भी हैं। उन्होंने बताया कि चार संदिग्ध मरीजों को आईसुलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। अब तक कोई भी मरीज कोरोना पाजिटिव नहीं है।

कोरोना: दो कंट्रोम रूम बनाए गए
बांदा। कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने वाले संदिग्ध मरीजों को अस्पताल लाने और सूचना संकिलत करने के लिए दो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। एक कंट्रोल रूम मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में बनाया गया है जिनका दूरभाष नंबर 05192-224872 है। जबकि दूसरा कंट्रोम रूम पुलिस लाइन में खोला गया है, उसका नंबर 05192-224460 है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि कोरोना का संदिग्ध मरीज मिलने पर इन नंबरों पर सूचना दें। सीएमओ ने बताया कि उनके कंट्रोम रूम में अब तक 120 फोन और पुलिस लाइन कंट्रोल रूम में 150 फोन आए हैं।

ब्लाक स्तर पर बनाई गई टीमें
बांदा। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. संतोष कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। बताया कि जिले के आठ ब्लाकों में एक-एक टीमें गठित कर दी गई हैं। यह टीमें आशा के साथ घर-घर जाकर कोरोना के संदिग्ध मरीजों की पहचान करेंगी। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए संदिग्ध मरीजों को जिला अस्पताल भिजवाया जाएगा।

दिन-रात मरीजों को ढो रही हैं 108 एंबुलेंस
बांदा। कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मरीजों को जिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कालेज लाने के काम में आरक्षित चार एंबुलेंस लगाई गई हैं। संदिग्ध मरीजों को लाने के काम में दिन और रात एंबुलेंस सड़क पर फर्राटा भर रही हैं। एंबुलेंस कर्मचारियों ने बताया कि मरीज ढोने वाली गाड़ियों को सेनेटाइज किए जाने का इंतजाम नहीं है। कई के पास तो पर्सनल प्रोटेक्शन किट भी नहीं है। ऐसे में मरीजों को अस्पताल लाने में एंबुलेंस कर्मियों की जान को खतरा बना हुआ है। संक्रमित मरीज को लाते समय अगर कोई एंबुलेस कर्मचारी संक्रमित हो गया तो फिर स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जवाब नहीं होगा। जिला प्रभारी 108 एंबुलेंस उमेश द्विवेदी ने बताया कि ईएमटी सुरजीत, रमेश, सौरभ, विमल और चालक अभिषेक, सुनील, अवधेश और सुनील तिवारी लगातार कोरोना संदिग्ध मरीजों को लाने और ले जाने का काम कर रहे हैं। फोन काल आने पर 102 गाड़ी को भी तत्काल भेजा जा रहा है।

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