बांदाबुंदेलखंड

बांदा-प्रेरणा ऐप के विरोध में शिक्षकों का हंगामा, नारेबाजी

बांदा-प्रेरणा ऐप के विरोध में शिक्षकों का हंगामा, नारेबाजी

प्रेरणा ऐप के विरोध में शिक्षकों का हंगामा, नारेबाजी
– कलेक्ट्रेट में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने दिया धरना
– मुख्यमंत्री को संबोधित 22 सूत्रीय ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा
बांदा। पांच सितंबर से लागू होने वाले पे्ररणा ऐप का चारों और विरोध शुरू हो गया। जिले में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में धरना देकर इसका विरोध किया। साथ ही डायट में लाइव प्रसारण देखने पहुंचे महिला व पुरुष अध्यापकों को प्रेरणा ऐप का लाइव प्रसारण देखने से भी रोक दिया और हंगामा किया। वहां मौजूद बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चंद्रनाथ ने पहले शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया, जब वह नहीं माने तो बीएसए शिक्षकों का आक्रोश देखते हुए चुपचाप वहां से खिसक लिए।
शिक्षा विभाग में जब से प्रेरणा ऐप लागू होने की बात शुरू हुई है, तभी से ही शिक्षकों में आक्रोश पनपने लगा था। जैसे-जैसे इस ऐप के लागू होने का दिन नजदीक आने लगा, शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता ही चला गया। जैसे ही यह सूचना आई कि पांच सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर यह ऐप लागू कर दिया जाएगा और 4 सितंबर को इसका लाइव प्रसारण दिखाया जाएगा, जिसमें शिक्षकों को बीआरसी और डायट में बुलवाया गया था, ताकि उन्हें लाइव प्रसारण दिखाया जा सके। यूं तो शिक्षक लाइव प्रसारण देखने के लिए पहुंच गए लेकिन उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने लाइव प्रसारण से ठीक थोड़ी देर पहले इस ऐप को लेकर जबरदस्त हंगामा काटा। कलेक्ट्रेट में धरना दिया। सरकार पर प्राइवेट कंपनियों को लाभ पहुंचाने और प्राइवेसी को भंग करने के आरोप लगाए। इसके अलावा उन्होंने संसद, विधानसभा और तमाम विभागों में इस ऐप को लागू करने की दुहाई दी। उन्होंने कहा कि यह ऐप जब सब जगह लागू हो जाए तब हमारे विभाग में भी लागू कर दिया जाए। इसके अलावा शिक्षकों ने कहा कि हमसे शिक्षण कार्य की जगह अनेकों काम लिए जाते हैं, जिससे शिक्षा का कार्य प्रभावित होता है। शिक्षक हर विभाग के कार्यों पर सहयोग करता है। सरकार की कोई भी स्कीम बिना शिक्षकों के नहीं चल पाती। ऐसे में शिक्षकों पर इस तरह के बंधन सरासर गलत हैं, हम इसका विरोध करते हैं।
कलेक्ट्रेट में धरना देने के बाद शिक्षकों ने प्रशासनिक अधिकारी को 22 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। मांगों में प्रेरणा ऐप एवं सेल्फी के माध्यम से प्रदेश के शिक्षकों की उपस्थिति संबंधी आदेश वापस लिया जाए, क्योंकि यह निजता का हनन है, 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल की जाए, मृतक शिक्षक शिक्षिकाओं के पाल्यों को शिक्षक एवं लिपिक पद पर योग्यता अनुसार नियुक्ति प्रदान की जाए। मृतक शिक्षक के पाल्यों को योग्यता के अनुसार नियुक्ति न देकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बनाया गया है, अतः उन्हें योग्यतानुसार पदस्थापित किया जाए। इसके अलावा अन्य मांगें भी शामिल हैं।
कलेक्ट्रेट से उठकर शिक्षक संघ के लोग डायट पहुंचे, जहां प्रेरणा ऐप का लाइव प्रसारण देखने के लिए बहुत सारी महिला शिक्षिकाएं और पुरुष शिक्षक पहुंचे हुए थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चंद्रनाथ की मौजूदगी में यह लाइव प्रसारण देखा जा रहा था तभी प्रदर्शनकारी शिक्षक वहां पहंुच गए और उन्होंने रंग में भंग कर दिया। लाइव प्रसारण में अफरा-तफरी मच गई। लाइव प्रसारण के दौरान ही शिक्षकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने अपने सहयोगी शिक्षिकाओं से अनुरोध किया कि वह भी शिक्षकों को साथ शामिल हों। कमरे में लाइव प्रसारण देख रहे सारे शिक्षक और शिक्षिकाएं कमरे से बाहर निकल आए और बीच में ही प्रसारण रोक दिया गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आंदोलित शिक्षकों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माने तो बीएसए चुपचाप निकल गए।

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