झांसीबुंदेलखंड

झांसी-पत्रकार उत्पीड़न के खिलाफ उपजा ने बुलंद की आवाज

झांसी-पत्रकार उत्पीड़न के खिलाफ उपजा ने बुलंद की आवाज

पत्रकार उत्पीड़न के खिलाफ उपजा ने बुलंद की आवाज
उपजा ने डीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
झांसी। योजनाओं में हो रही धाधंलियों व भ्रष्टाचार को उजागर करने पर प्रदेश में पत्रकारों के खिलाफ प्रशासन द्वारा दमनकारी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इससे प्रदेश भर के कलमकारों में जमकर रोष व्याप्त है। और पत्रकारों के संगठनों द्वारा इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर पत्रकारों पर इस प्रकार की होने वाली कार्रवाईयों को रोके जाने की मांग की। साथ ही ऐसे अधिकारियों पर जो सच्चाई उजागर करने वालों पर जबरन मुकदमे लिखाने का कार्य कर रहे हैं,उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की भी मांग की गई।
सोमवार को उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व जिलाध्यक्ष महेश पटैरिया के नेतृत्व में दर्जनों पत्रकार साथी कलैक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर अपर नगर मजिस्टेªट ने ज्ञापन लिया। ज्ञापन में यह मांग की गई कि विगत दिनों मिर्जापुर में पत्रकार पवन जयसवाल द्वारा स्कूल में नमक रोटी खिलाए जाने वाले प्रकरण की खबर प्रकाशित करते हुए हकीकत सामने लाए जाने पर उसके खिलाफ दमनकारी कार्रवाई अमल में लाई गई। उस पर मुकद्मा दर्ज कराते हुए प्रेस की आजादी दबाने का कार्य किया गया। इस प्रकार के अन्य प्रकरण भी संज्ञान में हैं। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन इसका पुरजोर विरोध करते हुए कड़ी निंदा करता है। साथ ही झांसी की उपजा इकाई ज्ञापन के माध्यम से आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहती है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए पत्रकारों पर होने वाली इस प्रकार की कार्रवाइयों को रोका जाए। ताकि सरकार की छवि को धूमिल होने से बचाया जा सके। मीडिया जनता के आइने के रुप में कार्य करता है। इसे आइना ही रखा जाए ताकि अच्छाइयों के साथ बुराइयों को देखने में पारदर्शिता बनी रहे। इस अवसर पर नेशनल यूनियन आॅफ जर्नलिस्ट्स(इंडिया) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रामसेवक अड़जरिया ने कहा कि पत्रकारों का उत्पीड़न किसी भी सरकार में नहीं होना चाहिए। और इस प्रकार के अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का सरकार का दायित्व बनता है। उसे भी पूरा किया जाना चाहिए। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार हरिकृष्ण चतुर्वेदी, शीतल प्रसाद तिवारी, रामकुमार साहू, मुकेश वर्मा, राजेश चैरसिया, दीपचंद चैबे, सुल्तान आब्दी, मनोज तिवारी, इमरान खान, रोहित झा, इनायत सिद्वीकी, अख्तर खान, रानू साहू, प्रभात साहनी, विजय कुशवाहा, मुदित चिरवारिया, मनोज दुबे, मनीष अली, नीरज साहू, अतुल वर्मा, रवि परिहार, पंकज भारती, अरूण वर्मा, मो. इरशाद मंसूरी, विवेक दोहरे, आयुष साहू, हेमत, कमलेश चैबे, मकबूल सिद्वीकी, फारूक खान, रवि साहू, राजेश बिरथरे, रामप्रसाद, बृजकिशोर झा, देवेन्द्र चतुर्वेदी, अरबाज दानिश, बट्टा गुरू, आफरीन खान समेत तमाम पत्रकार मौजूद रहे।

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