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चित्रकूट-कुख्यात सरगना बबुली, हार्डकोर लवलेश हलाक

कुख्यात सरगना बबुली, हार्डकोर लवलेश हलाक
-गैंग के साथी की गोली से मौत की चर्चायें
-मप्र सतना पुलिस ने मुठभेड में मार गिराने का किया दावा
चित्रकूट। उप्र-मप्र के सरहद से लगे चित्रकूट की तराई में लगभग डेढ दशक से आतंक का पर्याय बना साढ़े छह लाख का इनामी अंर्तराज्यीय गिरोह सरगना बबुली कोल व एक लाख 80 हजार का इनामी हार्डकोर सदस्य लवलेश कोल फिरौती में मिली मोटी रकम के बंटवारे को लेकर हुए खूनी गैंगवार में ढेर हो गए। हालाकि मप्र की सतना पुलिस मुठभेड़ में मार गिराने का दावा कर रही है। शवों का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों के पैनल ने किया है।
दुर्दांत डाकू बबुली कोल और सगा साला गैंग का हार्डकोर सदस्य लवलेश मप्र के सतना जिले के थाना धारकुण्डी क्षेत्र के लेदरी जंगल में पटपरिया नाला के समीप बीते दिनो हरसेड गांव निवासी लाली कोल के बीच फिरौती में मिली रकम का बंटवारा कर रहे थे। इस दौरान हुए विवाद में लाली ने बबुली व लवलेश को ताबडतोड गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया और मप्र पुलिस के अधिकारियों को मारे जाने की खबर दे दी। सूचना पर आईजी रींवा चंचल शेखर, डीआईजी जोन रींवा अविनाश शर्मा, एसपी सतना रियाज इकबाल भारी पुलिस बल के साथ जंगल में कूद पड़े और शवों को खोजने लगे। शव की तलाश में काफी मशक्कत के बाद असफल रहे तो गांव के कुछेक ग्रामीणों को लेकर जंगल में सर्च अभियान चलाया। जहां पटपरिया नाला के पास दोनो के शव बरामद होने पर शिनाख्त कराई है। दस्यु सरगना के मारे जाने की खबर से क्षेत्र में खुशहाली का माहौल देखा गया। नयागांव तहसीलदार नितिन झोड ने मृतक बदमाशों के शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया है। एसपी सतना ने बताया कि मारे गए दस्युओं के परिजनों को सूचना दी गई है।

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बदला लेने के बाद थाने में दी जानकारी
चित्रकूट। हरसेड़ गांव की लाली कोल की मां मुन्नी देवी ने बताया कि पिता मालिक, भाई जगदीश को मप्र पुलिस ने दस्यु संरक्षण में जेल भेजा था। जगदीश जमानत पर रिहा हो गया था। इसे लेकर लाली दोनो से नाराज था। बदला लेने की फिराक में रहता था। शनिवार को बबुली व लवलेश की हत्या करने के बाद घर आकर बताया था। जिस पर उसने थाना में समर्पण की बात कही थी। यह भी बताया जा रहा है लाले कोल दूर का रिश्तेदार है। जबकि मां ने किसी प्रकार के रिश्ते की बात नहीं स्वीकारी है।

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फायर पावर बढ़ने के बाद संभाली कमान
चित्रकूट। दस्यु बबुली कोल काफी दिनों तक दस्यु सरगना ददुवा गिरोह में रहा। बंदूकबाजी का शौकीन था। खूंखार डकैत बनने की ख्वाहिश थी। दस्यु रागिया, ठोकिया और ददुवा के मारे जाने के बाद बलखडिया गैंग में सक्रिया भूमिका निभाता था। बलखड़िया के मारे जाने के बाद गैंग के आधुनिक असलहे मिलने से फायर पावर बढ़ गया और खुद गिरोह की कमान संभाली थी।

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पांच ग्रामीणों को जिंदा जलाने के बाद सुर्खियों में आया
चित्रकूट। वर्ष 2012 में मानिकपुर थाना के टिकरिया में पुलिस के लिए मुखबिरी व दहशत फैलाने के इरादे से पांच ग्रामीणों को जिंदा जलाकर मारने की जघन्य वारदात के बाद बबुली और उसका गिरोह पहली बार तेजी से सुर्खियों में आया। वर्ष 2017 की 24 अगस्त को निही के जंगल में मुठभेड के दौरान उप्र के पुलिस के एसआई जेपी सिंह के शहीद होने के बाद बबुली आतंक का पर्याय बन गया। यूपी-एमपी के बार्डर पर स्थित तराई के जंगलों में बबुली ने अपहरण के एवज में फिरौती को अपना पेशा बना लिया।

 

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एसपी ने की मारे जाने की पुष्टि
चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने दस्यु सरगना बबुली कोल के साथ ही लवलेश कोल के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने सतना के पुलिस अधीक्षक से वार्ता के बाद इसकी पुष्टि की है। साढे छह लाख का इनामी डकैत बबुली कोल कई वर्ष से उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश पुलिस के लिए सिरदर्द बना था।

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फिरौती के रकम बंटवारे को लेकर मारी गोली
चित्रकूट। सतना जिला अंतर्गत धारकुंडी थाना क्षेत्र में रविवार को साढे छह लाख रुपये के इनामी बबुली कोल व दाहिना हाथ हाथ डेढ़ लाख इनामी लवलेश कोल को गैंगवार के दौरान गोली लगने की बात सामने आने के बाद खलबली मच गई। कुछ देर में जंगल से लेकर गांवों तक यह बात आग की तरह फैल गई। पता चला कि गैंग से दो माह पहले जुड़े दस हजार इनामी लाली उर्फ लाले कोल ने धारकुंडी के हरसेड़ से अपहृत किसान अवधेश द्विवेदी से मिली रकम बंटवारे को लेकर दोनों को गोली मार दी। इसके बाद सीधे भागकर सतना के धारकुंडी थाने पहुंचा। वहां पर बबुली व लवलेश को मारे जाने की जानकारी दी। इससे पुलिस सकते में आ गई।

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शवों के तलाश को चलाया सर्च अभियान
चित्रकूट। किसान के अपहरण के बाद लगातार पांच दिन से जंगल में सर्चिंग कर रहे रीवां जोन के आइजी चंचल शेखर, डीआइजी रीवां अविनाश शर्मा, एसपी सतना रियाज इकबाल, एएसपी सतना गौतम सोलंकी, एसडीओपी चित्रकूट वीपी सिंह, थाना प्रभारी नयागांव संतोष तिवारी, मझगवां ओपी सिंह, धारकुंडी पवन कुमार, बरौंधा केएस टेकाम, एंटी डकैती विशेष टीम के गोपाल चौबे, सुधांशु तिवारी बीहड़ में कूद पड़े। यूपी चित्रकूट के एसपी मनोज कुमार झा, एएसपी बलवंत चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने जंगल में सर्चिंग तेज कर दी थी।

 


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गैंग में अब कोई सदस्य नहीं बचा: सतना एसपी
चित्रकूट। मध्य प्रदेश के आइजी रीवां अविनाश शर्मा ने बबुली गैंग के सरगना बबुली कोल व उसके दाएं हाथ लवलेश को जंगल मे मुठभेड़ के दौरान मार गिराने का दावा किया। सतना एसपी रियाज इकबाल ने बताया कि गैंग का खात्मा कर दिया गया है। अब कोई सदस्य नहीं बचा है।

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सवा सौ मुकदमे, आईएस 262 था गैंग
चित्रकूट। उप्र व मप्र में दस्यु बबुली कोल व लवलेश कोल के चित्रकूट, बांदा, प्रयागराज, एमपी के सतना रीवां में अलग-अलग थानों में हत्या, लूट, डकैती, बलवा के करीब सवा सौ मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में आईएस 262 के रूप में गैंग की पहचान थी। गैंग के पास एके-47 से लेकर अत्याधुनिक हथियार थे। गैंग में सक्रिय व कैजुअल मिलाकर करीब 13 सदस्यों के होने की बात भी सामने आई थी।

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35 राउंड गोलियां चलने का दावा
चित्रकूट। मध्य प्रदेश की सतना पुलिस ने डकैत बबुली कोल गैंग से लेदरी के जंगल में मुठभेड़ के बाद 35 राउंड गोलियां चलाने की बात कही है। दावा किया कि डकैतों ने भी 15 राउंड फायर किए हैं।

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बबुली कोल और यूपी पुलिस से हुई कई मुठभेंड़े
चित्रकूट। दस्यु सरगना बबुली कोल और यूपी पुलिस के बीच कई बार मुठभेड़ हुई, लेकिन पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी। एनकाउंटर में दारोगा भी शहीद हो गया था। चित्रकूट इलाके में उसका काफी आतंक था। 2018 की फरवरी में चित्रकूट में डकैत बबुली से जंगलों में पुलिस की मुठभेड़ हुई थी। मारकुंडी थाना क्षेत्र के बंदरचुआ के बड़े जंगल में पुलिस के कॉम्बिंग के दौरान यह एनकाउंटर हुआ था। दोनों तरफ आधे घंटे तक फायरिंग होती रही थी, लेकिन बबुली कोल चित्रकूट पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने एक राइफल, तीन कारतूस, एक मोबाइल सहित कई दैनिक उपयोग चीजों को बरामद की थी।

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इंटर पास मृतक दस्यु की गैंग से शुरुआत
चित्रकूट। मृतक दस्यु सरगना बबुली कोल की उम्र इस समय करीब 38 साल थी। चित्रकूट के डोडा सोसाइटी क्षेत्र के गांव कोलान टिकरिया के मजदूर रामचरन के घर में 1979 में पैदा हुए बबुली ने प्राथमिक स्कूल से क्लास आठ तक की पढ़ाई की। 12वीं की पढ़ाई के लिए वह बांदा चला गया। पढ़ाई पूरी करने के बाद आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते गांव आ गया और खेती करने लगा। 2007 में पुलिस ने उसे ठोकिया की मदद के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। तमंचा दिखाकर जेल भेज दिया। छह माह जेल के अंदर रहने के दौरान ठोकिया के साथी लाले पटेल से इसकी मुलाकात हो गई। जेल से छूटने के बाद बबुली ने लाले को छुड़ाने के लिए जाल बिछाया। पेशी पर लाले आया तो वहां से बबुली कोल फरार करा ले गया और दोनों पाठा के जंगल में कूद गए। मृतक डकैत लवलेश मानिकपुर थाना क्षेत्र के घाटा कोलान का था। पिता रजउवा मजदूरी करते हैं।

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पाठावासियों में खुशी की लहर
चित्रकूट। मारे गए खूंखार डकैत बबली कोल व लवलेश विवाहित होने के बावजूद शराब पीकर अयाशी शौक में शामिल था। इतना ही नहीं शराब के नशे में धुत होकर अधिकतर बिरादरी के घरों में जबरन घुसकर अवैध संबंध बनाता था। जिससे बिरादरी के लोग भी अंदरूनी खुन्नस मानते थे। डकैतों के मारे जाने के बाद पाठावासियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
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चित्रकूट बांदा बुंदेलखंड

अतर्रा-स्कूलों के जिम्मेदार अब भी कर रहे हैं बड़ी चूक 

स्कूलों के जिम्मेदार अब भी कर रहे हैं बड़ी चूक
– चित्रकूट में घटी घटना के बावजूद नहीं चेत रहे जिम्मेदार
– स्कूल बसों में नहीं लगाए गए हैं सीसीटीवी कैमरे
– जागरूक लोग और अभिभावकों में चिंता का विषय
अतर्रा। सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध नगर में संचालित इंगलिश मीडियम स्कूलों के जिम्मेदार चित्रकूट में घटी घटना के बाद भी चेतते नजर नहीं आ रहे हैं। स्कूलों से बच्चों को ले जाने वाले वाहनों सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, जिसे बेहद गंभीर मानते हुए जागरूक लोगों ने चिंता जाहिर की है।वहीं अभिभावक इस लापरवाही को सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी चूक मान रहे है। चित्रकूट स्थित स्कूल से पिछले दिनों हुए दो बच्चों के अपरहण कांड से विद्यालय नहीं ले रहे हैं सबक।
ज्ञात रहे जिले की सीमा क्षेत्र से जुड़े म प्र के धार्मिक स्थल चित्रकूट जानकी कुंड स्थित प्रतिष्ठित स्कूल परिसर से दिनदहाड़े अपराधियों ने एक ब्यापारी के दो मासूम जुड़वाँ भाइयों का दिनदहाडे  उस समय अपहरण कर लिया था जब वे स्कूल बस में बैठ कर छुट्टी के बाद घर जा रहे थे ताज्जुब तो इस बात का है कि दोनो राज्यों की एसटीएफ सहित पुलिस खोजने में लगी हुई है किंतु आठ दिन बीत जाने पर भी बच्चों का कोई सुराग नहीं लग सका । इस घटना से नगर व क्षेत्र के  अभिभावकों और छात्रों में भय झलक रहा है ।लेकिन नगर के सीबीएसई बोर्ड द्वारा संचालित बडे स्कूलों ने  सबक नहीं लिया और अब तक कोई ठोस इंतजाम करते नजर नहीं आ रहे हैं ।स्कूल बसों पर कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए वहीं बिना मानक के गाड़ियां धडल्ले से संचालित हो रही है जो बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड है। अभिभावकों ने दबी जुबान से जानकारी दी कि गर्मियों की छुट्टी पर भी छात्रों से बसों का शुल्क धडल्ले से लिया जाता है ,अगर किसी ने इसकी शिकायत दर्ज कराई तो सजा के तौर पर भरपाई छात्र को करनी पड़ती है । तथागत ज्ञानस्थली सीनियर सेकेंडरी स्कूल के वित्त नियंत्रक शिवचरण कुशवाहा से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि घटना होने के बाद ही तमाम तरह के नियम कानून की जानकारी प्रशासन द्वारा दी जाती है । बच्चों की सुरक्षा के लिए कडे कदम उठाए जा रहे हैं। जबकि शांति धाम स्कूल के फादर फ्रेडी ने कहा कि बसों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं, सुरक्षा के और इंतजाम पुख्ता किए जाएंगे।
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चित्रकूट-ट्रैक्टर पलटने से 2 छात्राओं की मौत, 5 हुए घायल

चित्रकूट. कर्वी थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर पलट गया जिस कारण दो छात्राओं की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 5 लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना कर्वी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोल गदहिया गांव में हुआ। गांव के ही प्राइमरी स्कूल से दो छात्राएं स्कूल से वापस अपने घर जा रही थीं उसी समय उन्हें रास्ते में एक ट्रैक्टर आता हुआ दिखा जिस पर वह बैठ गयी। उस ट्रैक्टर में पहले से भी कुछ लोग बैठे हुए थे।

-उसी गांव में एक मोड़ में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। चीख पुकार सुन गांव के लोग मौके पर पहुंचे तब तक दोनों  छात्राओं की मौत हो चुकी थी और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल थे। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।

 

क्या कहना है अधिकारीयों का: मौके पर पहुंचे डीएम विशाखा जी अय्यर और एसपी मनोज कुमार झा ने परिजनों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। डीएम विशाखा जी अय्यर ने बताया कि घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। दोनों छात्राओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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झांसी-झांसी में साइकिल से घूमकर अटल जी बनाये थे जनसंघ के कार्यकर्ता

झांसी में साइकिल से घूमकर अटल जी बनाये थे जनसंघ के कार्यकर्ता
झांसी। वीरांगना महारानी की भूमि पर कई महापुरुषों ने अपने जीवन के शुरुआती संघर्षपूर्ण दिन बिताए हैं। उनमें से एक भारत के लाड़ले वाक पटुता के धनी मृदुभाषी भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई भी रहे हैं। उन्होंने नगर के गली कूचों में जनसंघ के कार्यकर्ताओं को बनाने के लिए साईकिल के कैरियर पर बैठकर कई बार यात्रा की है। यही नहीं उनके मिलनसार स्वभाव के कायल लोग आज भी उनकी सादगी को भूले नहीं हैं। उनकी जनसभाओं को संचालित करने वाले वरिष्ठ पत्रकार गिरीश सक्सेना उनके संस्मरण बताते हुए भावुक हो उठे।
पूर्व में कानपुर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र दैनिक आज के ब्यूरो चीफ व अन्य कई समाचार पत्रों से जुड़े साथ ही कई सामाजिक दायित्वों समेत जनसंघ के अति वरिष्ठ कार्यकर्ता गिरीश सक्सेना ने बताया कि 1952 में जनसंघ की स्थापना होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई पहली बार 1953 में झांसी आए थे। वह सीपरी स्थित एक टाईप सेंटर के मालिक मनोहर राव च्वहाण के संस्थान पर आए थे। इसके बाद महारानी की नगरी में जनसंघ के कार्यकर्ता बनाने के लिए मनोहर राव की साइकिल के कैरियर पर बैठकर उन्होंने नगर की गली कूचों को घूमा। और घूम-घूमकर कार्यकर्ताओं को जनसंघ से जोड़ा। उन्होंने बताया कि वह जन आंदोलनों में कई बार जेल गए। लेकिन अटल जी के साथ उन्हें दो बार 21-21 दिन तक जेल में रहने का मौका मिला। पत्रकार गिरीश सक्सेना आज भी 1947 निर्मित अपने पूर्वजों के पुराने मकान में निवास बनाए हैं।
विपक्षी भी करते थे तारीफ
लम्बी बीमारी के बाद आज शाम हुए अटल जी के निधन पर भावुक होते हुए गिरीश सक्सेना ने बताया कि उनके स्वभाव और वाक पटुता के विपक्षी भी कायल थे। एक संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने बताया कि जब नरसिंम्हा राव प्रधानमंत्री बने तब अटल जी को विपक्ष का नेता होने के बाबजूद भी विदेश में नेतृत्व करने के लिए भेजा गया। जब विदेश में उनसे पूछा कि आप तो विपक्ष के नेता हैं। इस पर उनका जबाब सुनकर लोग स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष का नहीं भारत का नेता हूं। यही नहीं विपक्ष में होते हुए इंदिरा गांधी के एक फैसले की सराहना करते हुए उन्होंने उन्हें दुर्गा की संज्ञा दी थी।
भाषा शैली की कायल थी जनता
अपने जीवन के 81 वर्ष पूर्ण कर चुके गिरीश सक्सेना ने बताया कि अटल जी की भाषा शैली की जनता कायल थी। उनके प्रत्येक शब्द के अनेकार्थ हुआ करते थे। उनकी स्पीच को सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो जाते थे। उनकी भाषा में भावुकता,स्तब्धता व जोश प्रमुखता से झलकता था।
अटल जी के साथ दो बार जेल जाने को सौभाग्य बताया
जनसंघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता और पत्रकार गिरीश सक्सेना ने बताया कि 1967 पहली बार वह अटल जी के नेतृत्व में कच्छ आंदोलन में दिल्ली में लाठी चार्ज के बाद हम सभी कार्यकर्ताओं को तिहाड़ जेल भेजा गया था। वहां हमने उनके साथ 21 दिन बिताए थे। उसके बाद 1974 में जेपी आंदोलन के दौरान जन समस्याओं को लेकर अटल जी व राजनारायण जी के नेतृत्व में लखनऊ विधानसभा का घेराव किया। इस दौरान भी लाठी चार्ज हुआ। और उसके बाद हम सभी कार्यकर्ताओं को अटल जी व राजनारायण समेत नैनी जेल भेजा गया था। वहा भी 21 दिन बाद रिहा किया गया था। इस दौरान वहां एक विरोध के चलते जेल में भी लाठी चार्ज के दौरान उन्हें पीटा गया था।
ये थे तत्कालीन जनसंघ के प्रमुख कार्यकर्ता
पत्रकार गिरीश सक्सेना ने बताया कि अटल जी ने जब यहां जनसंघ की ज्योति जलाई तब उनके प्रमुख कार्यकर्ताओं में त्रिभुवन नाथ त्रिवेदी,धन्नू लाल गौतम,राजेन्द्र अग्निहोत्री,और वह स्वयं हुआ करते थे। उन्होंने बताया कि उनकी अधिकांश जनसभाएं रामलीला मैदान और मिनर्वा चैराहे के समीप पड़े स्थान पर हुआ करती थी। इनका संचालन अक्सर गिरीश सक्सेना स्वयं करते थे।
परिवार के साथ खाया था खाना
श्री सक्सेना ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई जी इतने मिलनसार थे कि यह पता ही नहीं चलता था कि वह किसी परिवार के सदस्य नहीं है। उन्होंने वह तस्वीर भी दिखाई जिसमें उनके पिता समेत परिवार के सभी सदस्यों के साथ वह भोजन कर रहे थे। यही नहीं तस्वीर में एक थाली में गिरीश सक्सेना के पिता व अटल जी स्वयं एक दूसरे को भोजन कराते नजर आए।
अन्तिम बार 1997 में आए थे झांसी
गिरीश सक्सेना ने बताया कि उनकी स्मृति के अनुसार अन्तिम बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई 1997 में झांसी आए थे। बताया कि तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा विद्याभारती द्वारा संचालित विद्यालय भानीदेवी गोयल में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उसके बाद से वह कभी झांसी नहीं आए।
प्रहार का प्रहरी,समाचार पत्र का कराया था लोकार्पण
गिरीश सक्सेना ने बताया कि 1997 में जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई वीरांगना की धरा पर अन्तिम बार आए थे, उस समय गिरीश प्रहार के प्रहरी नामक समाचार पत्र में मानदेय संपादक के रुप में कार्यरत थे। उन्होंने उसका लोकार्पण अटल जी से ही कराया था।
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झांसी-नई लाइन में पिण्ड नहीं छोड़ रहे लीकेज़,लडख़ड़ाती जांच फाइल दबी

नई लाइन में पिण्ड नहीं छोड़ रहे लीकेज़,लडख़ड़ाती जांच फाइल दबी
– एमडी जल निगम के आदेश पर हुई थी जांच
झांसी। गुणवत्ता से खिलवाड़ और कागजों में नई दर्शाकर की गई गुरसरायं पेयजल लाइन शिफिं्टग के कार्य में अब तक नई लाइन के लीकेज जल निगम का पिण्ड नहीं छोड़ रहे हैं। करीब सवा करोड़ के एस्टीमेट पर किए गए लाइन शिफिं्टग के कार्य में जिस कदर भ्रष्टाचार के साथ अनियमितताएं बरती गयीं, वह प्रथम दृष्टया जांच अधिकारियों के सामने आ तो गई, लेकिन अब विभागीय अधिकारी ही मामले को दबाने के प्रयास में लगे हुए हैं। इधर, लडख़ड़ाते हुए जांच जारी होना बताया गया। उधर आज भी लीकेज निकले रहे और शासकीय धन का व्यय चल रहा। जांच की अंाच किसी नतीजे तक नहीं पहुंचना भी अब रहस्य बनती जा रही है।
गुरसरायं की आबादी को लगभग 10 किमी. की दूरी पर स्थित भस्नेह झील से पीने का पानी मिलता है। हालांकि गर्मियां आते ही झील में पानी की कमी के चलते यह जलापूर्ति प्रभावित हो जाती है। इस समस्या दूर करने के लिए गुरसरायं से करीब आठ किमी. दूर शीला गांव के पास जल निगम ने पांच ट्यबवेल लगाए। इसी बीच वर्ष 2015-16 में गुरसरायं-गरौठा सडक़ निर्माण चैड़ीकरण का कार्य पीडब्लूडी से स्वीकृत हुआ। इस कार्य के बीच जल निगम की पेयजल लाइन बीच में आने के कारण कार्य प्रभावित हुआ तो जल निगम से उक्त लाइन को दूर शिफ्ट कराए जाने को कहा गया। इस पर जल निगम द्वारा लगभग सवा करोड़ रुपए का एस्टीमेट तैयार किया और लाइन शिफिं्टग का कार्य शुरू किया गया। सूत्र बताते हैं कि इस कार्य में ठेकेदार द्वारा करीब साढ़े किमी. के हिस्से में लाइन शिफिं्टग की, मगर नई लाइन के स्थान पर पुरानी लाइन डाल दी गयी साथ ही दो पाइपों को ठीक तरह से न जोड़ते हुए यू हीं चिपटा दिए गए। जब लाइन से जलापूर्ति की टेसिं्टग हुई, तो नई लाइन में ही जगह-जगह लीकेज आ गए और जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं हो सकी। उक्त मामला प्रबंध निदेशक जल निगम के संज्ञान में आया, तो जाँच के आदेश दिए गए। जाँच अधीक्षण अभियंता जल निगम से कराई गयी। जाँच टीम मौके पर पहुंची, तो प्रथम दृष्टया शिकायत सही मिली और सडक़ चैड़ीकरण के पास ही डाली गयी लाइन में तमाम लीकेज पाए गए। जिन्हें दूर कराने के निर्देश दिए। जाँच में प्रथम दृष्टया अवर अभियंता व संबंधित ठेकेदार को दोषी बताया गया, लेकिन उनपर कोई कार्यवाही नहीं हुई और जाँच को जारी बताया गया। सूत्रों का कहना है कि विभाग को लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी लाइन से लीकेज निकलना बंद नहीं हो रहे हैं, जबकि अब तक तकरीबन 40 से अधिक लीकेज सुधारे जा चुके हैं। इससे यह तय है कि उक्त पाइप लाइन शिफिं्टग कार्य में विभागीय अभियंताओं की मिलीभगत से घपला किया गया है? इधर, जब मामले पर अधीक्षण अभियंता से बातचीत की गयी तो उन्होंने भी लीकेज सुधारने के साथ जाँच जारी बताय। हालांकि दोषियों पर क्या कार्यवाही की गयी, इसपर वह गोलमोल जवाब देते रहे। यहां यह भी बताया गया कि एमडी ने संबंधित ठेकेदार को विभाग में ब्लैक लिस्टेड करने को कहा था, परन्तु इसपर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया है। फिलहाल विभाग की इस गड़बड़झाला के चलते क्षेत्र के लोगों को जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
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लखनऊ -प्रदेश में बालू-मौरंग व गिट्टी के दाम कम होंगे-योगी आदित्यनाथ

लखनऊ – गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा को मिली करारी हार के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को 15 दिनों में बालू-मौरंग के दाम घटाने का अल्टीमेटम दिया। इसके लिए उन्होंने 31 मार्च की समय-सीमा तय की है। उन्होंने कहा कि मौरंग के दाम अभी 100 रुपये से ऊपर हैं इसे 60 से 70 रुपये फुट से ज्यादा नहीं होना चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को खनन, वन एवं पर्यावरण, पुलिस व परिवहन विभाग के अफसरों को बुलाकर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने इस मामले में अफसरों की फटकार भी लगाई। सरकार यह मान रही है कि बालू-मौरंग के बढ़े दामों के कारण भी आम जनता के बीच नाराजगी थी। इस कारण भी भाजपा को लोगों ने वोट नहीं दिया। सरकार का यह भी मानना है कि खनन नीति प्रदेश में सही तरीके से लागू नहीं हो सकी है।

इस कारण बालू-मौरंग की आसमानी छूती कीमतों को काबू में नहीं लाया जा सका। मुख्यमंत्री ने करीब दो घंटे तक खनन और वन विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में बालू-मौरंग व गिट्टी के दाम कम होंगे। इसके लिए वन विभाग के साथ खनन विभाग की जो दिक्कतें हैं उसे भी जल्द दूर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अफसरों को उचित कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।

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चित्रकूट -प्रेमिका के घर में संदिग्ध अवस्था में आग से झुलस

चित्रकूट : राजापुर कस्बे में एक युवक प्रेमिका के घर में संदिग्ध अवस्था में आग से झुलस गया। गंभीर हालत में उसको जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। युवक का आरोप है कि उसको प्रेमिका के घरवालों ने जलाने का प्रयास किया जबकि इन आरोपों से इंकार करते हुए उनका कहना है कि युवक उनके घर में कूदा था। उसको कमरे में बंद कर 100 डायल पुलिस को फोन कर बुलाया था तभी उसने खुद को आग लगा ली थी। जिला चिकित्सालय में भर्ती युवक के गुरुवार को अपर पुलिस अधीक्षक ने बयान दर्ज किए हैं।

राजापुर सब्जी मंडी निवासी लवलेश गर्ग (23) पुत्र हीरालाल गर्ग को बुधवार की देर शाम पड़ोसी के घर में जला हुआ मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। रात में उसे हालत गंभीर होने पर जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। गुरुवार को बयान लेने पहुंचे एएसपी बलवंत चौधरी ने बताया कि लवलेश पूना (महाराष्ट्र) में प्राइवेट नौकरी करता है उसका पड़ोस की एक युवती से प्रेम प्रसंग चलता है। जिससे उसकी अक्सर बात होती थी। एएसपी ने बताया कि पूछतांछ में युवक ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक कुछ दिन पहले वह पूना से आया था। गुरुवार को उसकी प्रेमिका ने अपने जन्मदिन के बहाने उसको घर बुलाया था और फिर उसके परिजन उससे 20 हजार रुपए की मांग करने लगे। जब उसने नहीं दिया तो उसे आग लगाकर मारने का प्रयास किया गया। एएसपी ने बताया कि वहीं प्रेमिका के घर वालों का कहना है कि लवलेश उनके आंगन में कूदा था। जिसको उन्होंने पकड़ कर एक कमरे में बंद कर दिया था और पुलिस को सूचना दे दी थी लेकिन पुलिस के आने के पहले उसने खुद आग लगा ली। वैसे पुलिस सत्यता की जांच कर रही है।

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चित्रकूट-मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसान के हाथ पहुंचने से पहले ही कचरे में पहुंच गए

चित्रकूट: मिट्टी के स्वास्थ्य को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकारें जितनी संवेदनशील हैं। कृषि विभाग के कर्मचारी इसे लेकर उतने ही ज्यादा लापरवाह हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसान के हाथ पहुंचने से पहले ही कचरे में पहुंच गए। कृषि उपनिदेशक ने कहा कि संबंधित कर्मचारी यदि दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की दशा सुधारने के लिए प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री का मानना है कि जिस प्रकार की मिट्टी हो, उसके स्वभाव के अनुसार ही उस पर फसलें उत्पादित की जाएं। यही नहीं संबंधित मिट्टी के स्वास्थ्य के अनुसार ही उस पर खाद आदि डाली जाए। मिट्टी के स्वास्थ्य को जानने के लिए ही उन्होंने स्वायल हेल्थ कार्ड योजना शुरू की थी। योजना को अमल में लाने के लिए किसानों ने खेत की मिट्टी लाकर जमा किया। उसे प्रयोगशाला में भेजकर उसकी जांच भी कराई गई। इसके बावजूद उसकी रिपोर्ट उनके हाथ नहीं पहुंच पाई। सदर ब्लाक अंतर्गत रसिन गांव के जयराम पुत्र बैजनाथ व कमलेश पुत्र पन्नालाल सहित एक दर्जन किसानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड शुक्रवार को पसियौड़ा मोहल्ले के पास कचरे में पड़े पाए गए। यह यहां पर कैसे पहुंचे या फिर किसने फेंका विभाग को भी नहीं पता है। फिर भी मृदा स्वास्थ्य कार्ड के इस तरह मिलने से विभाग की लापरवाही सामने आ ही गई। उप कृषि निदेशक टीपी शाही ने कहा कि कचरे में मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलने की जानकारी मिली है। ये सभी कार्ड रसिन ग्राम पंचायत के किसानों के ही हैं। उन्होंने कहा कि रसिन में तैनात कर्मचारी को स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया है। यदि कर्मचारी इसमें दोषी मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

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चित्रकूट -लोकसभा सीट गंवाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आम चुनाव के पहले फूंक-फूंक कर कदम उठाने का फैसला लिया

चित्रकूट -गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट गंवाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आम चुनाव के पहले फूंक-फूंक कर कदम उठाने का फैसला लिया है। हार से डरी भाजपा ने सेक्टर प्रवास योजना बनाई है। पार्टी ने अपने एक वरिष्ठ कार्यकर्ता को प्रवासी की जिम्मेदारी सौंपते हुए निर्देश दिया है कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने जनउपयोगी जो भी योजनाएं चलाई हैं उनको जनता के बीच रखें और एक साल की सरकार के प्रति उनका क्या रवैया है यह भी जानें।

जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक करके प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना उपाध्याय और प्रदेश मंत्री प्रकाश पाल ने सेक्टर प्रवासी योजना के बारे में बताया। प्रदेश मंत्री ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए कोई न कोई कल्याणकारी योजना शुरु की है लेकिन उसका फीड़ बैक नहीं मिल रहा है उसकी वजह है कि योजनाओं का प्रचार प्रसार नहीं हो रहा है। सेक्टर प्रवासी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए वर्ष 2019 तक काम करेंगे। लोगों से घुल मिल कर उनका सरकार के प्रति नजरिया भी जानेंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष उपाध्याय ने कहा कि सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार हम सभी को मिलकर करना है। बैठक में मौजूद सदर विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय और मानिकपुर विधायक आरके ¨सह पटेल ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार बनाने के लिए पार्टी को हर वर्ग ने वोट किया था। उनकी भावनाओं को हमें समझना है। लोगों से संवाद जरुरी है ताकि उनके गिले सिकवे को दूर किए जा सकें। सरकार गांव-गांव बिजली पहुंचा रही है और किसानों की कर्ज माफी आदि बड़े काम किए हैं। बैठक में जिलाध्यक्ष अशोक जाटव, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शैलेंद्र शुक्ला, सांसद प्रतिनिधि सुशील द्विवेदी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्ण कुमार ¨सह उर्फ भोले, आनंद शुक्ला व डा. रणवीर ¨सह चौहान, जिला महामंत्री तीरथ तिवारी, राजेश जायसवाल, बद्री विशाल त्रिपाठी, दिनेश तिवारी, लवकुश चतुर्वेदी, जय विजय ¨सह, पंकज अग्रवाल, राघवेंद्र ¨सह, आनंद ¨सह, रिजवाना परवीन, अर्जुन शुक्ला और शिवशंकर ¨सह आदि मौजूद रहें।

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चित्रकूट-पिकप ने टैम्पों को मारी ठोकर

पिकप ने टैम्पों को मारी ठोकर
पलटने से कई अन्य घायल, दो की मौत
चित्रकूट। थाना मारकुण्डी अंतर्गत ग्राम छेरिहा के पास टैम्पों पलट जाने के कारण मो0 आरिफ सौदागर (35) पुत्र अहमद हुसैन निवासी शिवनगर थाना मानिकपुर की मौत हो गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मानिकपुर में भर्ती कराया है।
बताया गया कि सोमवार की सुबह मानिकपुर से त्रिवेणी मेला करने के लिए टैम्पों चालक सवारिया भरकर जा रहा था कि मारकुण्डी के पहले ग्राम छेरिहा के पास बनी पुलिया में पीछे से आ रही तेज रफ्तार पिकप को साइड देने के चक्कर में टैम्पों चालक ने सड़क किनारे खड़ा कर दिया लेकिन तेज रफ्तार होने के कारण पीछे से आ रही पिकप का चालक टैम्पों में जोरदार टक्कर मारते हुए भाग निकला। जिससे टैम्पों पलट गयी। टैम्पों में बैठे लल्ला (22) पुत्र स्व0 मुन्ना की मौके पर मौत हो गयी। अरूण (16) पुत्र श्रवण निवासी कोलिहाई, वीरू (13) पुत्र देशराज निवासी जारोमाफी, देवनारायण मिश्रा (62) निवासी मारकुण्डी, इमाम हुसैन (28) पुत्र अब्बास अली, मो0 वाहिद (14) पुत्र हबीब खान निवासी शिवनगर मानिकपुर व आरिफ सौदागर को गभीरावस्था में उपचार के लिए मौके पर पहुंची पुलिस ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया था जहां उपचार के दौरान सौदागर की मौत हो गयी। अस्पताल में भर्ती सभी घायलों का उपचार चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है।