बांदा- झींक आने पर लोको पायलट को उतारा गया

झींक आने पर लोको पायलट को उतारा गया
– मालगाड़ी लेकर झांसी जा रहा था लोको पायलट
बांदा। यहां से मालगाड़ी लेकर झांसी जा रहे एक लोको पायलट को झींक और खांसी की शिकायत हुई। कंट्रोल को सूचना देने के बाद झांसी स्टेशन पर लोको पायलट को उतारा गया। वहां रेलवे के डॉक्टर ने फौरी तौर पर चेकअप करने के बाद एंबुलेंस की मदद से उसे तत्काल रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं इंजन में सवार दो अन्य लोको पायलट का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। राहत की बात यह रही कि जांच में पता चला कि मौसम परिवर्तन से एक लोको पायलट को लगातार झींक और खांसी आ रही थी।
मंगलवार को दोपहर झांसी डिवीजन में तैनात लोको पायलट हिमांशु राठौर अपने एक सहायक के साथ मालगाड़ी लेकर झांसी जा रहा था। इसी इंजन पर बांदा में तैनात लोको पायलट संजय वर्मा रोड लर्निंग का प्रशिक्षण लेने झांसी जा रहा था। मालगाड़ी के यहां से रवाना होने के बाद प्रशिक्षण लेने जा रहे लोको पायलट संजय वर्मा को खांसी और झींक आने लगी। कोरोना संक्रमित होेने की आशंका पर एक लोको पायलट ने वाकी-टाकी से कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कुछ देर बाद मालगाड़ी झांसी पहुंच गई। प्लेटफार्म पर पहले से मौजूद रेलवे डाक्टर सभी को अपने साथ ले गए। चिकित्सकों ने प्राथमिक रूप से मेडिकल परीक्षण करने के बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान कोरोना वायरस के लक्षण न मिलने पर रेल अधिकारियों ने राहत की सांस ली। उधर, मंडल रेल प्रबंधक के जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह ने बताया कि झींक और खांसी की शिकायत पर लोको पायलट को उतारा गया था। तीनों लोको पायलटों का झांसी स्थित रेलवे अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। मौसमी परिवर्तन से एक लोको पायलट को लगातार झींक और खांसी आ रही थी। फौरी तौर पर जांच में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं मिले हैं। एहितियात के तौर पर लोको पायलट को रोका गया गया। जबकि दो लोको पायलयों को घर भेज दिया गया। रेलवे प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

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